आप को बता दे
अलकनंदा नदी में जल स्तर गिरने से पेयजल संकट, लक्षमोली-हाडिम की धार योजना प्रभावित
पेयजल संकट देश के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। बढ़ती आबादी, जल स्रोतों में गिरावट और जल प्रबंधन की समस्याओं के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं का प्रभाव न केवल ग्रामीण क्षेत्रों बल्कि शहरी इलाकों में भी देखने को मिलता है। वर्तमान में उत्तराखंड के देवप्रयाग क्षेत्र में भी इसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

खबर के अनुसार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान देवप्रयाग ने जानकारी दी कि अलकनंदा नदी में जल स्तर में गिरावट और श्रीनगर में जीवीके डैम द्वारा अनियमित जल छोड़े जाने की वजह से क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित हो रही है। साथ ही, आई-वैल में रेत भर जाने से पंपिंग प्रक्रिया में भी समस्या आ रही है। इस कारण लक्षमोली-हाडिम की धार पंपिंग पेयजल योजना के तहत लाभान्वित ग्रामों में केवल आंशिक जलापूर्ति की जा रही है।
समस्या के समाधान के लिए जीवीके डैम के प्रबंधक से अधिक मात्रा में और नियमित जल आपूर्ति का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, आई-वैल से रेत निकालने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है ताकि पेयजल आपूर्ति में सुधार हो सके। जल संस्थान की ओर से जल्द स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।




