Thursday, February 19, 2026
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पौड़ी पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा 30.7 लाख की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गैंग लीडर, सरकारी नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा!

आप को बता दे

सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

ठगी के बढ़ते मामले और युवाओं की उम्मीदों के साथ खिलवाड़

आज के समय में बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों की बढ़ती मांग के चलते ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर उनकी मेहनत की कमाई ठगने वाले गिरोह लगातार सक्रिय हो रहे हैं। इस तरह की ठगी न केवल युवाओं के सपनों को चकनाचूर करती है, बल्कि उनके विश्वास को भी ठेस पहुंचाती है। हाल ही में, उत्तराखंड के पौड़ी जिले में पुलिस ने ऐसे ही एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसने सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी की थी।

पौड़ी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पौड़ी पुलिस ने सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के मुख्य आरोपी सतीश कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। बताया गया है कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और बिहार के बेरोजगार युवाओं से फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब 30.7 लाख रुपये की ठगी की।

मामले का पूरा विवरण

दिनांक 8 सितंबर 2024 को कोटद्वार निवासी मयंक नेगी ने पुलिस को एक शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने बताया कि सतीश कुमार और राजकुमार बैनर्जी उर्फ सुब्रुतो ने उनसे “ईस्टर्न रेलवे” में ग्रुप-C की नौकरी लगाने के नाम पर 30,70,550 रुपये ठग लिए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र और रेलवे का फर्जी आईडी कार्ड जारी किया था। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में मुकदमा संख्या 229/24, धारा 420, 467, 468, 471, 120B के तहत मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। पुलिस टीम ने विभिन्न राज्यों में दबिश दी, लेकिन आरोपी बार-बार अपने ठिकाने बदलते रहे। इसके चलते पुलिस ने आरोपी सतीश कुमार पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया। अंततः, 23 नवंबर 2024 को कोटद्वार पुलिस ने आरोपी को दिल्ली के वजीराबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

गिरोह का नेटवर्क और जांच जारी

पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करता था। गिरोह के पश्चिम बंगाल से जुड़े होने की भी संभावना जताई जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

अभियुक्त का विवरण

  1. सतीश कुमार: पुत्र बलदेव सिंह, निवासी कुतुब विहार, साउथ दिल्ली।
    हाल निवासी: बंगाली कॉलोनी, बुराड़ी, वजीराबाद, दिल्ली।

पुलिस टीम की भूमिका

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक राजाराम डोभाल, मुख्य आरक्षी उत्तम सिंह और आरक्षी चंद्रपाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है, और वैधानिक कार्रवाई जारी है।

पंजीकृत मुकदमे

  1. मुकदमा संख्या: 229/24, धारा: 420, 467, 468, 471, 120B।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के नौकरी के वादे पर तुरंत भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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