Wednesday, February 11, 2026
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अजित पवार ने भाजपा के साथ जाने की वजह बताई:कहा- राजनीति में कोई परमानेंट दुश्मन या दोस्त नहीं होता; उद्धव बोले- NDA वाले धोखेबाज

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार ने रविवार को कहा कि राजनीति में कोई परमानेंट दुश्मन या दोस्त नहीं होता। उन्होंने NCP तोड़कर NDA में शामिल होने की वजह भी बताई। बीड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा- महाराष्ट्र के विकास और यहां के लोगों की समस्या सुलझाने के लिए हमने भाजपा-शिंदे गुट ज्वॉइन किया।

वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अजित पवार पर निशाना साधते हुए कहा- ये धोखेबाज लोग हैं। हिंगोली में रविवार को रैली के दौरान उद्धव बोले- भाजपा आया राम, गया राम पार्टी है, जहां नेता पाला बदलते रहते हैं। NDA में शामिल अधिकतर पार्टियां धोखेबाज हैं। दूसरी पार्टियां तोड़कर लोग इसमें शामिल हुए हैं।

उद्धव ने अमीबा और मालगाड़ी से NDA सरकार की तुलना की​। उद्धव ने कहा- वर्तमान NDA सरकार अमीबा की तरह है, जिसका कोई निश्चित आकार और आकृति नहीं है। पहले भाजपा कहती थी कि महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार है। अब अजित की तीसरी इंजन भी जुड़ गई है। पता नहीं और कितने इंजन जुड़ेंगे। यह मालगाड़ी है क्या?

प्याज के मुद्दे पर क्या बोले अजित पवार
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​​​​अजीत पवार ने प्याज के मुद्दे पर किसानों के प्रदर्शन को लेकर कहा- मैंने राज्य के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे को दिल्ली जाकर राज्य में प्याज के हालिया मुद्दे पर केंद्रीय नेताओं से मिलने के लिए कहा है। गृह मंत्री ने भी कहा है कि केंद्र सरकार राज्य के किसानों से 24 रुपए प्रति किलो के हिसाब से 2 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीद रही है।

इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने प्याज पर 40% निर्यात शुल्क बढ़ाने के केंद्र सरकार के हालिया फैसले को किसान विरोधी फैसला बताया था। इस पर अजित पवार ने कहा कि विपक्ष के लोग किसानों को भ्रमित कर रहे हैं।

अजित ने 2 जुलाई को बगावत की थी
पिछले साल जून में शिंदे और पार्टी के 39 अन्य विधायकों ने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। शिवसेना के दो हिस्से हो गए थे। इसके बाद शिवसेना, NCP और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार गिर गई। शिंदे ने इसके बाद भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली। एकनाथ शिंदे को CM भी बनाया गया।

इसी तरह इस साल 2 जुलाई को अजित पवार ने शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी। उन्होंने NCP के आठ विधायकों के साथ शिंदे के नेतृत्व वाली NDA सरकार से हाथ मिला लिया। इसी दिन महाराष्ट्र सरकार में अजित ने डिप्टी CM पद की शपथ भी ले ली। अन्य विधायकों को भी कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था।

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