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सीमा सुरक्षा और नशे के खिलाफ सख्ती: अस्कोट पुलिस और एसएसबी का संयुक्त अभियान
सीमावर्ती इलाकों में तस्करी, नशे का कारोबार और मानव तस्करी जैसी गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। ये न सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा हैं बल्कि स्थानीय युवाओं को अपराध के दलदल में धकेल रही हैं। ऐसे में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बेहद जरूरी हो जाती है।

संयुक्त गश्त और अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देश पर और सीओ डीडीहाट कुंवर सिंह रावत के पर्यवेक्षण में कोतवाली अस्कोट के प्रभारी सुरेश कम्बोज व उनकी टीम ने एसएसबी के साथ मिलकर भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष गश्त और तलाशी अभियान चलाया।
इस अभियान के तहत स्थानीय लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया और अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस या कंट्रोल रूम को दें।

जौलजीबी में कार्यशाला का आयोजन
इसी क्रम में कोतवाली जौलजीबी के प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में एसएसबी अस्कोट में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में अपर उपनिरीक्षक अशोक चौधरी ने एसएसबी के जवानों को नए कानूनों (बीएनएस, बीएनएसएस, बीएसए), मानव तस्करी, एनडीपीएस एक्ट, तलाशी एवं जब्ती प्रक्रिया और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी।
सुरक्षा और जागरूकता—दोनों जरूरी
सीमा पर सख्त निगरानी से अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकती है, लेकिन स्थानीय लोगों की जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। पुलिस और एसएसबी के इस संयुक्त प्रयास से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।



